चमोली: नंदा देवी बड़ी जात यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट, एसपी ने की ब्रीफिंग; यात्रा मार्ग चार सेक्टरों में बांटा

चमोली: मां नंदा देवी की लोकजात और बड़ी जात यात्रा को लेकर चमोली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने चेपड़ो मैदान में पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एसपी ने बताया कि यात्रा मार्ग की संवेदनशीलता और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए थराली क्षेत्र के यात्रा मार्ग को एक जोन और चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही पूर्व में यात्रा का अनुभव रखने वाले पुलिसकर्मियों की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा दुर्गम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्वतारोही पुलिस दल की भी तैनाती की गई है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि मां नंदा की जात यात्रा आस्था और परंपरा से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा है। बारिश के मौसम के बीच यात्रा मार्ग पर कई जगह दुर्गम पैदल रास्ते, कठिन चढ़ाई-उतराई और फिसलन जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

उन्होंने सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को मौसम एवं मार्ग की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि यात्रा में शामिल प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित रहे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी यात्रा सकुशल पूरी कर गंतव्य तक पहुंचे।

लगातार बढ़ रहा श्रद्धालुओं का कारवां

बड़ी जात यात्रा में मां नंदा की डोली के साथ श्रद्धालुओं का कारवां लगातार बढ़ता जा रहा है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं द्वारा डोली का स्वागत किया जा रहा है। जगह-जगह मां नंदा के दर्शन कर श्रद्धालु पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

बड़ी जात बंड क्षेत्र की डोली ने गुरुवार को किरूली गांव में रात्रि प्रवास किया था। वहीं मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली ने पगना गांव में रात्रि प्रवास किया। राजराजेश्वरी की उत्सव डोली डूंगरी गांव होते हुए सूना गांव पहुंची। शुक्रवार को यात्रा के अगले चरण में डोली थराली गांव से होते हुए चेपड़ो गांव पहुंची, जहां रात्रि प्रवास प्रस्तावित है। डोली के आगमन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

20 सितंबर को होमकुंड पहुंचेगी यात्रा

बड़ी जात यात्रा का प्रमुख धार्मिक पड़ाव 20 सितंबर को होमकुंड में होगा। यहां विशेष पूजा-अर्चना और तर्पण के बाद परंपरा के अनुसार चौसिंग्या खाडू को कैलाश के लिए विदा किया जाएगा। इसके साथ ही बड़ी जात यात्रा के प्रमुख धार्मिक विधान पूरे होंगे।

इसके बाद मां नंदा की डोली सिद्धपीठ कुरुड़ के लिए वापस रवाना होगी। 30 सितंबर को पूजा-अर्चना के साथ बड़ी जात यात्रा का समापन होगा।