वर्ष 2026 में प्रस्तावित श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा को लेकर चमोली प्रशासन ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम द्वारा यात्रा मार्ग के स्थलीय निरीक्षण में कई हिस्से अत्यंत दुर्गम, भूस्खलन संभावित और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील पाए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।

आयोजन समिति के प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण वाण से होमकुंड और सुतोल तक किया गया। संयुक्त टीम ने लगभग 66 किलोमीटर लंबे उच्च हिमालयी मार्ग का परीक्षण कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी, जिसके आधार पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए।

बेदनी से आगे विशेष सतर्कता

एडवाइजरी के अनुसार बेदनी से आगे का क्षेत्र निर्जन वन, कठिन चढ़ाई और संवेदनशील भूभाग से होकर गुजरता है। जनहित और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा को यथासंभव सीमित रखने की सलाह दी है।

वाण में अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेदनी के लिए प्रस्थान करने से पहले सभी श्रद्धालुओं को वाण में स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए। इससे यात्रियों की शारीरिक क्षमता का आकलन होगा और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम किए जा सकेंगे।

जिला प्रशासन ने आयोजन समिति को सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा मार्ग की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें।